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इलाहाबाद : बसपा नेता राजेश यादव हत्याकांड के मामले में पुलिस ने एक बार फिर छात्रनेता अर्पित से पूछताछ की। पूछताछ में अर्पित ने शुरूआत में वही बात दोहराई, जो उसने गुरुवार को बताई थी। लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो कई नई जानकारी मिली। इसके आधार पर अब जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। शुक्रवार को मंत्री पद पर नामांकन के बाद पुलिस ने अर्पित को रात करीब आठ बजे तलब किया और फिर पुलिस लाइन में उससे सवाल-जवाब किए गए। हालांकि छात्रनेता मृत्युंजय राव परमार से पुलिस ने पूछताछ नहीं की है।
हालांकि पुलिस को हत्याकांड में मामले में अभी तक कुछ खास सफलता नहीं मिल सकी है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और क्राइम ब्रांच की टीम ने अनुभव उर्फ दारोगा, जग्गा, आकाश समेत अन्य संदिग्ध छात्रों के परिजनों को उठाया। इसके बाद घरवालों के साथ संदिग्ध छात्रों की तलाश की जाती रही। पुलिस की एक टीम लखनऊ में डेरा जमाए हुए है। जबकि एक टीम गोरखपुर, सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ में दबिश दे रही है। पुलिस को जांच में पता चला है कि हत्याकांड के बाद ताराचंद हॉस्टल छोड़कर भागने वाले अधिकांश छात्रों का मोबाइल बंद है। ऐसे में उन्हें ट्रेस करना थोड़ा मुश्किल हो रहा है। फिलहाल पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वारदात में शामिल छात्रों व कुछ अन्य युवकों के बारे में पूरी जानकारी कर ली गई है। अब उन्हें केवल पकड़ना ही बाकी रह गया है। गिरफ्त में आने के बाद ही हत्याकांड की तस्वीर साफ हो सकेगी। उधर, मामले में नामजद आरोपी डॉ. मुकुल सिंह अभी भी अस्पताल में भर्ती है। बीमारी की हालत में पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ करने में भी गुरेज कर रही है। भदोही निवासी राजेश यादव की सोमवार रात ताराचंद हॉस्टल के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इलाहाबाद : बसपा नेता राजेश यादव हत्याकांड के मामले में पुलिस ने एक बार फिर छात्रनेता अर्पित से पूछताछ की। पूछताछ में अर्पित ने शुरूआत में वही बात दोहराई, जो उसने गुरुवार को बताई थी। लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो कई नई जानकारी मिली। इसके आधार पर अब जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। शुक्रवार को मंत्री पद पर नामांकन के बाद पुलिस ने अर्पित को रात करीब आठ बजे तलब किया और फिर पुलिस लाइन में उससे सवाल-जवाब किए गए। हालांकि छात्रनेता मृत्युंजय राव परमार से पुलिस ने पूछताछ नहीं की है।
हालांकि पुलिस को हत्याकांड में मामले में अभी तक कुछ खास सफलता नहीं मिल सकी है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और क्राइम ब्रांच की टीम ने अनुभव उर्फ दारोगा, जग्गा, आकाश समेत अन्य संदिग्ध छात्रों के परिजनों को उठाया। इसके बाद घरवालों के साथ संदिग्ध छात्रों की तलाश की जाती रही। पुलिस की एक टीम लखनऊ में डेरा जमाए हुए है। जबकि एक टीम गोरखपुर, सुल्तानपुर और प्रतापगढ़ में दबिश दे रही है। पुलिस को जांच में पता चला है कि हत्याकांड के बाद ताराचंद हॉस्टल छोड़कर भागने वाले अधिकांश छात्रों का मोबाइल बंद है। ऐसे में उन्हें ट्रेस करना थोड़ा मुश्किल हो रहा है। फिलहाल पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वारदात में शामिल छात्रों व कुछ अन्य युवकों के बारे में पूरी जानकारी कर ली गई है। अब उन्हें केवल पकड़ना ही बाकी रह गया है। गिरफ्त में आने के बाद ही हत्याकांड की तस्वीर साफ हो सकेगी। उधर, मामले में नामजद आरोपी डॉ. मुकुल सिंह अभी भी अस्पताल में भर्ती है। बीमारी की हालत में पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ करने में भी गुरेज कर रही है। भदोही निवासी राजेश यादव की सोमवार रात ताराचंद हॉस्टल के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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