रिपोर्ट अग्रसेन विश्वकर्मा
ibn24x7news
मृतका के मामा ने कार को देख लिया और गाड़ी के दरवाजे का हैंडिल पकड़ कर लटक गए। यह देख वहां मौजूद लोगों ने गाड़ी को रूकवाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।
मईल थाना क्षेत्र के बलिया दक्षिण गांव के रहने वाले अखिलेश मिश्र ने अपनी पुत्री निधी का विवाह दो वर्ष पूर्व भलुअनी थाना क्षेत्र के मड़कड़ा मिश्र के रहने वाले पंकज के साथ किया था। पंकज प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। वह और उनके घर के लोग शुक्रवार की शाम को कार से अचेत अवस्था में निधि को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी में तैनात डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर ससुराली विवाहिता का शव को कार में रखकर लेकर भागने लगे। उधर भांजी की तबीयत खराब होने की बात सुनकर उसके मामा-मामी जिला अस्पताल में खोज रहे थे। उसी वक्त मामा की नजर भांजी के दहेज में दी गई कार पर पड़ी।
वह गाड़ी को देखकर रोकने का इशारा करने लगे। लेकिन चालक गाड़ी मोड़कर भागने लगा। इस पर मामा संजय तिवारी गाड़ी के दरवाजे की फाटक पकड़ कर लटक गए। यह देख अस्पताल में मौजूद लोगों ने हंगामा करते हुए गाड़ी को घेर लिया। इसी बीच एक एम्बुलेंस वाले ने गाड़ी के आगे लगा दिया। इसके बाद चालक ने कार रोकी। कार में निधि का शव पड़ा हुआ था। यह देख वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए। उन लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। एक घंटा तक ससुराल वाले लोगों को धमकी देते रहे। इसी बीच कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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मृतका के मामा ने कार को देख लिया और गाड़ी के दरवाजे का हैंडिल पकड़ कर लटक गए। यह देख वहां मौजूद लोगों ने गाड़ी को रूकवाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।
मईल थाना क्षेत्र के बलिया दक्षिण गांव के रहने वाले अखिलेश मिश्र ने अपनी पुत्री निधी का विवाह दो वर्ष पूर्व भलुअनी थाना क्षेत्र के मड़कड़ा मिश्र के रहने वाले पंकज के साथ किया था। पंकज प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। वह और उनके घर के लोग शुक्रवार की शाम को कार से अचेत अवस्था में निधि को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी में तैनात डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर ससुराली विवाहिता का शव को कार में रखकर लेकर भागने लगे। उधर भांजी की तबीयत खराब होने की बात सुनकर उसके मामा-मामी जिला अस्पताल में खोज रहे थे। उसी वक्त मामा की नजर भांजी के दहेज में दी गई कार पर पड़ी।
वह गाड़ी को देखकर रोकने का इशारा करने लगे। लेकिन चालक गाड़ी मोड़कर भागने लगा। इस पर मामा संजय तिवारी गाड़ी के दरवाजे की फाटक पकड़ कर लटक गए। यह देख अस्पताल में मौजूद लोगों ने हंगामा करते हुए गाड़ी को घेर लिया। इसी बीच एक एम्बुलेंस वाले ने गाड़ी के आगे लगा दिया। इसके बाद चालक ने कार रोकी। कार में निधि का शव पड़ा हुआ था। यह देख वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए। उन लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। एक घंटा तक ससुराल वाले लोगों को धमकी देते रहे। इसी बीच कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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