गरियाबंद :- गरियाबंद जिला के दुर्गम क्षेत्रों में 2 दिसंबर से विशेष टीकाकरण कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों को टीकाकृत किया जा रहा है । विशेष टीकाकरण सप्ताह के तहत विकासखण्ड गरियाबंद के पहुंचविहीन, दुर्गम क्षेत्र भैंसादादर, बादिमार, उण्डापारा, कामर, भौदीं एवं थुहापानी में शून्य से 05 के बच्चों व गर्भवती माताओं को टीकाकरण किया गया। इसी उद्देश्य से आदिवासी क्षेत्रों दूर दराज कठिन, पहुंचविहीन क्षेत्रों जहां प्रवासी गर्भवती माताओं उसके बच्चें जो टीकाकरण से वंचित है तथा नियमित टीका लगने से छुटे हुए बच्चे को पूर्ण टीकाकरण उसके प्रसव स्थल में पहुंच कर टीकाकृत किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.आर. नवरत्न से मिली जानकारी अनुसार इस अभियान में सेक्टर पीपरछेड़ी से टीम बनाकर सभी पहुंचविहीन, कठिनतम, जंगलों व ईट भट्ठों में प्रवास कर रहे टीका विहीन गर्भवती माताओं व बच्चों को टीका लगाया गया व जागरूक भी किया गया। सेक्टर स्तर में विशेष टीकाकरण में जो बच्चें घर में ही या अपने प्रवास में ही जन्म लेते हैं, लेकिन जंगल के बीच रहने के कारण टीका से विहीन हो जाते हैं, ऐसे बच्चों व गर्भवती को खोज कर टीम द्वारा टीकाकृत किया गया और टीकाकरण के साथ होने वाले फायदे, बाल क्षय रोग, पोलियों, हेपेटाईटिस-बी. डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, खसरा, दस्त, रूबेला, आदि बीमारी से टीका लगाने से बचाव के संबंध में बताया गया।
सेक्टर स्तर के टीम में श्रीमती एम. साव सुपरवाईजर तथा स्वास्थ्य संयोजक श्रीमती जी. वर्मा, श्रीमती भुनेश्वरी साहू, श्रीमती सुमित्रा सोनी, श्रीमती सरिता ध्रुव, सुश्री ओंकेश्वरी, श्रीमती पुष्पलता साहू, श्री शिवेन्द्र देवांगन, श्री भीम मरकाम, अभियान में कार्यरत् है।
रिपोर्ट घासीराम पात्र ibn24x7news छत्तीसगढ़
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