रिपोर्ट
श्री राम शर्मा
Ibn24x7news
पादरी बाजार , गोरखपुर ।
पादरी बाजार क्षेत्र स्थित कैथोलिक धर्मप्रान्त गोरखपुर द्धारा संचालित व माध्यमिक शिक्षा परिषद उ०प्र० से सम्बद्ध हिन्दी माध्यम वित्त विहीन अल्प संख्यक विद्यालय के एक सहायक अध्यापक का प्रबन्ध समिति द्धारा किये गये निलम्बन को जिला विद्यालय निरीक्षक(डीआईओएस) द्वारा निरस्त किये जाने के लगभग अढ्ढारह माह व्यतीत होने के बाद प्रबन्ध समिति द्वारा सहायक अध्यापक को कार्यभार ग्रहण न कराये जाने व वेतन भुगतान शुरू न कराये जाने को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा प्रबन्ध समिति पर कोई कार्यवाई न किये जाने पर माननीय उच्च न्यायलय इलाहाबाद ने एक सितम्बर को अपने आदेश में जिला विद्यालय निरीक्षक गोरखपुर पर सख्त टीप्पणी करते हुए कहा है कि जिला विद्यालय निरीक्षक अपने आदेशों का पालन कराने के लिए सक्षम है परन्तु उनके द्वारा ऐसा न करके अपने विधिक दायित्व का कानून के अनुसार निर्वहन नहीं किया गया है । माननीय न्यायलय ने आगामी 19 सितम्बर को जिला विद्यालय निरीक्षक गोरखपुर से इस बात का व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है कि उनके आदेश का अनुपालन प्रबन्ध समिति द्वारा न किये जाने पर उन्होने प्रबन्ध समिति के खिलाफ क्या कारवाई किया ?
बताते चले कि संत मेरीस इन्टर कालेज स्टर्नपुर पादरी बाजार के सहायक अध्यापक ओम प्रकाश श्रीवास्तव को प्रबन्ध समिति द्वारा कतिपय आरोंप लगाकर 22अक्टूबर 2013 को निलम्बित कर दिया गया है । निलम्बन के विरूद्ध सहायक अध्यापक ने 24 दिसम्बर 2013 को जिला विद्यालय निरीक्षक को प्रत्यावेदन दिया था , जिस पर तीन वर्षेां बाद 16 फरवरी 2016 को सुनवाई उपरान्त 01 मार्च 2016 को जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा प्रबन्ध समिति के निलम्बन को निरस्त कर सहायक अध्यापक की पूर्वतः सेवा बहाल करते हुए कार्य भार ग्रहण कराने व निलम्बन अवधि का वेतन भुगतान करने का आदेश तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जारी किया गया । तथा आदेश के अठ्ठारह माह बींत जाने के बाद भी कार्यभार ग्रहण नही कराया गया जबकि पिड़ीत स०अ०इस दौरान तीन बार सी०एम०साहब से मिल चुका है व जनसुनवाई पोर्टल के आई जी आर एस पर नौ बार शिकायत पंजीकृत है ।
जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा निलंबित सहायक अध्यापक को कार्यभार ग्रहण कराने का बार - बार आदेश देने के बाद भी विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा कार्यभार ग्रहण नही कराये जाने से आहत निलंबित सहायक अध्यापक मजबूर होकर पुनः 30 अगस्त 2017 को माननीय उच्च न्यायलय इलाहाबाद में नया रिट पिटीशन दायर कर न्याय का गुहार लगाया जिस पर माननीय उच्च न्यायालय ने 19 सितम्बर को जिला विद्यालय निरीक्षक को न्यायालय तलब किया है ।
No comments:
Post a Comment